दीदी तुम कमाल की हो


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antarvasna, kamukta एक दिन मेरी मौसी का फोन मुझे आया वह मुझे कहने लगी कि बेटा तुम मुझसे मिलने तो आ ही जाया करो, मैंने मौसी से कहा ठीक है मौसी मैं आपसे मिलने आ जाती हूं। मैंने अपनी सास से कहा कि मैं मौसी से मिलने जा रही हूं और हो सकता है शाम को लौटूं, मेरी सास कहने लगी ठीक है बेटा तुम जाओ शाम तक लौट आना। मैं कार लेकर अपनी मौसी के घर निकल पड़ी लेकिन मौसम भी काफी खराब था और रास्ते मे गाड़ी खराब हो गई कार स्टार्ट ही नहीं हो रही थी मैं घबरा गई मैंने मौसी को फोन किया और कहा कि कार खराब हो चुकी है तो वह कहने लगी तुम एक काम करो तुम ऑटो से यहां घर पर आ जाओ मैं कमल को तुम्हारी कार्ड ठीक करवाने के लिए भेज देती हूं और कमल के साथ उसका दोस्त भी आ जायगा, मैंने मौसी से कहा ठीक है।

मैं ऑटो के लिए वेट करती रही लेकिन काफी देर तक मुझे कोई ऑटो नहीं मिला, जब एक ऑटो वाला मिला तो मैंने उसे एड्रेस बताया उसने मुझे मेरी मौसी के घर तक छोड़ दिया, मैं कमल और उसके दोस्त से मिली कमल की उम्र मुझसे तीन चार वर्ष छोटी है कमल ने मुझे अपने दोस्त नीरज से मिलवाया, मैंने नीरज से पूछा की तुम कहां के रहने वाले हो तो नीरज ने मुझे बताया कि मैं बनारस का रहने वाला हूं, मैंने नीरज से पूछा लेकिन तुम्हारी मुलाकात कमल से कैसे हुई तो नीरज ने मुझे कहा कि मेरी मुलाकात कमल से एक बार बनारस में हुई थी और उसके बाद से कमल और मेरे बीच में काफी अच्छी दोस्ती हो गई, मैं कुछ दिनों के लिए आगरा आया हुआ था तो सोचा कमल से मिलता हुआ चलूं लेकिन कमल ने मुझे घर पर ही बुला लिया। कमल मुझसे कहने लगा पायल दी आपकी कार में क्या हो गया है, तो मैंने उसे बताया कि ना जाने कार रास्ते मे क्यो बंद हो गई मैंने कमल से कहा तुम एक काम करना मैं तुम्हें एड्रेस बता देती हूं कहां पर कार खड़ी है तुन वहां पर जाकर कर का काम करवा लेना, मैंने कमल को चाबी दे दी कमल और नीरज घर से चले गए मैं मौसी के साथ बैठ गई मौसी और मैं बात करने लगे मेरी मौसी मुझे कहने लगी बेटा तुमने तो घर पर आना ही छोड़ दिया है मैं तुम्हारे घर के इतने नजदीक रहती हूं तब भी तुम मुझसे मिलने नहीं आती हो, जब मुझे तुम्हारी मम्मी ने फोन किया तो मैंने सोचा चलो आज तुमसे बात कर लेती हूं काफी समय से तुमसे बात भी नहीं हुई थी।

मेरे मम्मी पापा लखनऊ में रहते हैं और मेरी शादी आगरा में हुई है इसीलिए मेरी मम्मी को मेरी बहुत चिंता रहती है क्योंकि मेरी मौसी भी आगरा में रहती है इस वजह से वह अक्सर मेरी मौसी को फोन कर दिया करती हैं लेकिन घर के कामों में मैं बिजी रहती हूं मुझे कहीं जाने का समय ही नहीं मिल पाता, मौसी ने जब मुझे कहा मैं समझ सकती हूं घर में कितना काम होता है और तुम्हारे पति कैसे हैं? मैंने मौसी से कहा मेरे पति तो ठीक हैं आप सुनाइए मौसा जी कैसे हैं? मेरी मौसी कहने लगी अरे वह घर ही कहां आते हैं वह तो सिर्फ अपनी नौकरी में ही व्यस्त रहते हैं। मेरे मौसा जी भी रेलवे में नौकरी करते हैं और वह घर कम ही आते हैं क्योंकि उनकी पोस्टिंग मुरादाबाद में है और जब भी वह घर आते हैं तो मुझसे मिलने के लिए जरूर आते हैं, मैं और मौसी बात कर रहे थे तो कमल ने मुझे फोन किया और कहा कि दीदी मैं आपकी गाड़ी मैकेनिक को दिखा रहा हूं, वह कहने लगा कि इसमें काफी खर्च आएगा, मैंने उसे कहा कि तुम गाड़ी चेक करवा दो मैं तुम्हें पैसे दे देती हूं, कमल ने फोन रख दिया और वह कुछ घंटों बाद घर वापस आ गया मैंने कमल से पूछा गाड़ी ठीक हो गई तो कमल कहने लगा हां गाड़ी तो ठीक हो गई, मैंने कमल से कहा कितने पैसे देने हैं, कमल कहने लगा मैंने पैसे दे दिए हैं मैंने कमल से कहा तुम कुछ करते भी नहीं हो और तुम्हारे पास इतने पैसे कहां से आए। मैंने उसे पूछा तुम मुझे बताओ कितने पैसे हुए तो कमल ने मुझे बताया कि 5000 हुए, मैंने कमल को पैसे दे दिए और उसके बाद हम सब लोगों ने साथ में खाना खाया क्योंकि मैं सुबह-सुबह ही मौसी के घर पहुंच चुकी थी इसलिए मैंने सुबह के वक्त नाश्ता भी नहीं किया था, हम सब लोगों ने साथ में लंच किया मेरी मौसी कहने लगी मुझे तो बहुत नींद आ रही है यदि तुम्हें भी सोना है तो तुम भी सो जाओ, मैंने मौसी से कहा नहीं मौसी मैं दिन के वक्त नहीं सोती आप आराम कर लीजिए, मेरी मौसी रूम में सोने के लिए चली गई मैं दूसरे रूम में आराम करने लगी कमल और नीरज दूसरे कमरे में लेटे हुए थे मैंने सोचा चलो अपने पति को ही फोन कर लिया जाए, मैंने अपने पति को फोन किया और उन्हें बताया कि मैं आज मौसी के घर पर आई हूं।

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उस वक्त उनका भी लंच टाइम था इसलिए वह भी मुझसे बात कर पाए वह मुझसे पूछने लगे तुम वहां पर कब गयी तो मैंने उन्हें बताया कि मैं सुबह ही मौसी के पास आ गई थी और शाम को यहां से घर लौट आऊंगी, मैंने उन्हें बताया कि कार रास्ते में खराब हो गई थी तो कमल ने गाड़ी ठीक करवा दी है, वह कहने लगे चलो ठीक है तुम भी शाम को घर लौट आना और मुझे आने में थोड़ा देर हो जाएगी, मैंने उन्हें कहा क्यों आज तुम्हें आने में देर क्यों होगी, वह कहने लगे कि आज ऑफिस में ज्यादा काम है इसलिए मुझे आने में थोड़ा समय लग जाएगा लेकिन तुम समय पर घर निकल जाना क्योंकि आज मौसम भी ठीक नहीं है, मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं समय पर घर निकल जाऊंगी। मैंने फोन रख दिया और मैंने सोचा चलो कुछ देर मोबाइल में गेम खेल लिया जाए मैं मोबाइल में गेम खेलने लगी तब तक कमल और नीरज मेरे पास आए और वह दोनों भी मुझसे बात करने लगे, कमल पूछने लगा दीदी मोबाइल में कौन सा गेम खेल रही हो तो मैंने उसे बताया, वह कहने लगा कि क्या आप को लूडो खेलना अच्छा लगता है, मैंने कहा हां कभी-कभार हम लोग घर पर लूडो खेल लिया करते हैं।

हम तीनो लूडो खेलने लगे कुछ देर तक हम लोगों ने लूडो खेला और उसके बाद कमल और नीरज भी दूसरे रूम में चले गए, मैंने भी अपनी पुरानी सहेली से काफी देर तक बात की और उसके साथ कम से कम मैंने उस दिन एक घंटे बात की काफी समय बाद मैंने उसे फोन किया था इसलिए उसके साथ बात कर के मुझे अच्छा लगा और मुझे तो यह पता ही नहीं था कि उसके पति का प्रमोशन भी हो चुका है वह मुझे कहने लगी कि तुम हमारे घर आती ही नहीं हो, मैंने उसे कहा तुम भी घर पर कहां रहती हो तुम भी तो स्कूल में पढ़ाने के लिए चली जाती हो और तुम्हारे पास भी समय नहीं होता है, वह कहने लगी लेकिन इस हफ्ते मैं तुमसे मिलने के लिए आऊंगी, मैंने उसे कहा ठीक है तुम इस हफ्ते मेरे घर पर मुझसे मिलने आ जाना उस दिन मेरे पति भी घर पर रहेंगे और तुम अपने पति को भी हमारे घर पर ले आना। मैंने जब उससे काफी देर तक बात की तो उसके बाद मैंने फोन रख दिया। मै बाथरूम में जा रही थी तो मैंने देखा नीरज और कमल पोर्न मूवी देख रहे हैं। उन दोनों के कमरे से बहुत तेज आवाज आ रही थी मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो वह दोनों घबरा गए और कहने लगे आप यहां क्या कर रही हैं। मैंने उन दोनों से कहा तुम दोनों कमरे में बैठकर क्या कर रहे थे वह दोनों डर गए। जब वह दोनों पोर्न मूवी देख रहे थे तो मेरी उत्तेजना भी बढ़ने लगी थी, मैंने सोचा कि आज इन दोनों से ही अपनी सेक्स की भूख मिटा दी जाए। वैसे भी कमल और नीरज जवान है मैं उन दोनों के बीच में जाकर बैठ गई और उन दोनों को समझाने लगी। वह दोनों घबराए हुए थे कमल मुझसे कहने लगा आप मम्मी को यह बात मत बताना। मैंने कमल से कहा एक शर्त पर तुम्हारी मम्मी को यह बात नहीं बताऊंगी यदि तुम मुझे खुश कर दोगे। वह दोनों मेरी बात को समझ गए उन दोनों ने दरवाजा बंद कर लिया दोनों ने पोर्न मूवी ऑन कर दी और मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। मैंने उन दोनों के लंड को अपने मुंह में लेकर चूसा।

पहले कमल ने मेरी चूत में लंड डाला तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा उसने मेरे साथ काफी देर तक सेक्स किया और मुझे उसके साथ बड़ा मजा आया। जब नीरज ने अपने मोटे लंड को मेरी चूत में डाला तो उसका लंड मेरी चूत की गहराइयों में चला गया और मुझे बहुत दर्द होने लगा उसमें भी एक अलग ही मजा था। उसने मेरे साथ बहुत देर तक सेक्स किया जब मैं पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो मुझे बहुत मजा आने लगा। पोर्न मूवी में जब एनल सेक्स हो रहा था तो कमल और नीरज का भी मन मेरी गांड मारने का हो गया। कमल ने अपने लंड पर तेल की मालिश की और मेरी गांड में घुसा दिया जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी गांड में घुसा तो मुझे मजा आने लगा। वह काफी देर तक मेरे साथ ऐसा ही करता रहा। जब कमल का वीर्य गिर गया तो नीरज ने मेरी गांड में अपने लंड को डाल दिया, उसने भी मेरी गांड के मजे 5 मिनट तक लिए। मुझे भी बहुत मजा आया जब उन दोनों ने मेरे साथ पूरी तरीके से मजे ले लिए तो वह कहने लगे आप यह बात किसी को मत बताना। मैंने उन दोनों से कहा मैं यह बात किसी को नहीं बताऊंगी लेकिन तुम दोनों ने आज मुझे भरपूर मजे दिए। मैंने कमल और नीरज से कहा तुम आज मेरे साथ चलो। वह लोग कहने लगे हम आपके साथ क्या करेंगे, मैं उन दोनों को अपने घर ले आई। जब वह दोनों को मै अपने घर लाई तो मैंने उन दोनों के साथ बड़े मजे लिए और उन दोनों ने भी मेरी चूत का बड़ा आनंद उठाया। कमल कहने लगा दीदी आप तो कमाल कि हो।

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