मन ही नहीं भरता


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Hindi sex story, kamukta मैं एक बार अपनी बिजनेस मीटिंग से लौट रहा था मेरी फ्लाइट बेंगलुरु से मुंबई की थी मैं एयरपोर्ट पर समय पर पहुंच गया था मेरी मीटिंग भी बहुत ही अच्छी हुई थी और मैं बहुत खुश भी था क्योंकि मुझे एक बड़ा प्रोजेक्ट मिलने वाला था। मैं जब फ्लाइट में अपनी सीट पर बैठा तो उसके कुछ ही देर बाद एक लड़की मेरे बगल में आकर बैठ गई और उसने मुझे देखते हुए एक प्यारी सी स्माइल दी उसके साथ और भी लोग थे और वह सब भी आसपास की सीटों में बैठ गए मैं उस दिन बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि मुझे मेरी बिजनेस मीटिंग से एक बहुत ही बड़ा बिजनेस मिला था और शायद मैं इस बात से फूला नहीं समा रहा था परंतु जब वह लड़की और उसके साथी आपस में बात कर रहे थे तो उनकी बातों से मुझे यह मालूम पड़ा कि वह लोग किसी टूर से आ रहे हैं मैंने उस लड़की से बात की और उसका नाम पूछा, उसका नाम कोमल था। मैंने कोमल से पूछा तुम क्या करती हो तो वह कहने लगी मैं कॉलेज में पढ़ती हूं तो मैंने उसे कहा अच्छा तो कोमल आप कॉलेज में पढ़ती है।

मैं उससे बड़े ही अच्छे से बात कर रहा था उसने भी मेरे बारे में पूछा। मैंने उससे पूछा तुम मुंबई में कहां रहती हो तो उसने मुझे अपने बारे में बताया लेकिन मुझे नहीं पता था कि हम दोनों के शौक शायद एक ही जैसे हैं जब उसने मुझे बताया कि मुझे फोटोग्राफी करने का बड़ा शौक है तो मैंने उसे कहा तो क्या तुम फोटोग्राफी का शौक रखती हो तो वह कहने लगी हां मैं फोटोग्राफी का शौक रखती हूं और काफी समय से मैं फोटोग्राफी करती आ रही हूं मैंने उसे कहा तुम मुझे अपनी कुछ फोटो तो दिखाओ तो वह कहने लगी क्यों नहीं सर मैं आपको अभी दिखाती हूं, उसने अपने लैपटॉप को ऑन किया और अपने लैपटॉप में जितने भी उसकी फोटोग्राफ उसने अब तक ली थी वह उसने मुझे दिखाई, इसमें काफी समय हो चुका था लेकिन मुझे उसकी फोटोग्राफ देखकर बड़ा अच्छा लगा मैंने कोमल से कहा जब मैं कॉलेज में पढ़ा करता था मुझे भी तब से फोटोग्राफी का बड़ा शौक है लेकिन उस वक्त मेरे पापा के पास इतने पैसे नहीं थे कि मैं एक अच्छा कैमरा ले सकता इसलिए मुझे उस वक्त अपने नौकरी से ही एक कैमरा लेना पड़ा वह मुझे कहने लगी सर आपने भी तो अब तक अपनी कोई प्रोफाइल बनाई होगी।

मैंने उसे कहा हां मेरे पास भी मेरे फोटो के कलेक्शन है मैं तुम्हें वह दिखाता हूं, मैंने जब उसे अपने फोटो के कलेक्शन दिखाएं तो वह कहने लगी सर आप भी काफी जगह घूमे हैं क्या? मैंने उसे कहा हां मैंने भी काफी जगह की शहर की है और उसी की यह सब फोटो हैं, वह खुश हो गई और मुझसे कहने लगी मैं आपसे मुंबई में जरूर मिलूंगी। वह कहने लगी आप मुझे अपने ऑफिस का एड्रेस दे दीजिए, मैंने उसे अपना विजिटिंग कार्ड दिया और कोमल से कहा तुम जब भी फ्री हो या तुम्हें कभी भी ऐसा लगे कि तुम्हें मुझसे मिलना चाहिए तो तुम मुझे बेझिझक फोन कर लेना और कभी भी यदि मेरी जरूरत हो तो तुम मुझे फोन करना। कोमल भी मेरी बातों से बहुत खुश थी और उसके साथ उस दिन मेरे सफर का मुझे पता ही नहीं चला हम लोग मुंबई पहुंच गए और उसके बाद मैं भी वहां से अपने घर चला आया मैं जब अपने घर पहुंचा तो मेरी पत्नी मुझे कहने लगी आज आप बहुत ज्यादा खुश नजर आ रहे हैं मैंने अपनी पत्नी से कहा आज मैं इतना ज्यादा खुश हूं कि मैं तुम्हें बता नहीं सकता मुझे एक बहुत ही बड़ा बिजनेस मिला है मैं कब से इस काम के लिए सोच रहा था लेकिन मुझे यह प्रोजेक्ट मिली नहीं पा रहा था परंतु अब मुझे प्रोजेक्ट मिल चुका है तो मैं बहुत ज्यादा खुश हूं, वह कहने लगी वह तो आपके चेहरे से साफ तौर पर झलक रहा है, मेरी पत्नी मुझे कहने लगी आप फ्रेश हो जाइए मैं आपके लिए कुछ बना देती हूं मैंने उसे कहा तुम मुझे आधा घंटा दो मैं आधे घंटे में फ्रेश होकर आता हूं और उसके बाद तुम मेरे लिए कुछ अच्छा सा बना देना। मैं बाथरूम में चला गया और मैं आराम से उस दिन नहा रहा था मुझे बहुत ही खुशी महसूस हो रही थी क्योंकि इतना बड़ा प्रोजेक्ट मुझे मिला था और मैं उसे पूरी मेहनत से करना चाहता था मैं जब बाहर आया तो मेरी पत्नी ने मेरे लिए बहुत ही अच्छी सी डिश बनाई हुई थी मैंने उसे कहा तुमने तो बहुत जल्दी ही बना लिया तो वह कहने लगी कौन सा इन सब्जियों में वक्त लगता है मैंने जब वह खाया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा मैंने अपनी पत्नी से कहा तुम्हारे हाथ में तो जादू है और मुझे तो तुमने आज खुश कर दिया मैं उस दिन काफी थक गया था क्योंकि सुबह के वक्त मेरी फ्लाइट थी इसलिए मुझे नींद भी आ रही थी मैं सुबह-सुबह ही बेंगलुरु से निकल गया था।

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जब मैं अपने बेडरूम में गया तो मुझे बड़ी ही प्यारी सी नींद आ गई और मुझे पता ही नहीं चला कि कब दोपहर हो गई मैं जब उठा तो मुझे अपने ऑफिस जाना था मैं जल्दी से तैयार होकर अपने ऑफिस चला गया मैंने उस दिन अपने ऑफिस में सब लोगों को एक साथ बुलाया और कहा आज हमें बड़ा ऑर्डर मिला है और आप लोगों को पूरी मेहनत से वह काम करना है मेरे ऑफिस में जितने भी लोग काम करते हैं वह लोग मुझसे बहुत खुश रहते हैं क्योंकि उन्हें मैं समय पर पैसे दे देता हूं और जब भी वह लोग ज्यादा काम करते हैं तो उसका भी मैं उन्हें कुछ इंसेंटिव के तौर पर पैसा देता हूं जिससे कि मेरे साथ में जितने भी लोग काम करते हैं वह लोग बहुत खुश रहते हैं और मेरी बड़ी इज्जत भी करते हैं। मैं भी बहुत ज्यादा खुश था और उसके बाद हम लोग अपने प्रोजेक्ट में लग गए हम लोग उसका काम बड़ी ही मेहनत से कर रहे थे इसमें करीब एक महीना हो चुका था और समय का पता ही नहीं चला एक दिन मुझे कोमल का फोन आया और वह कहने लगी सर मुझे आपसे मिलना था क्या मैं आप के ऑफिस में आ सकती हूं? मैंने कोमल से कहा क्यों नहीं तुम मेरे ऑफिस में आ जाओ।

कोमल ऑफिस में आ गई और उस दिन वह मेरे साथ काफी देर तक बैठी रही उसे भी शायद मेरे साथ में समय बिताना अच्छा लगता है और मैं अपने पुराने अनुभव को उससे शेयर किया करता तो वह भी खुश हो जाती है और वह भी मुझसे अपने पुराने अनुभवों को शेयर किया करती कोमल मुझे कहने लगी सर मैं अभी चलती हूं दोबारा आप से मुलाकात करूंगी या फिर आपके पास कभी समय हो तो आप मुझे फोन कर दीजिएगा, मैंने कोमल से कहा ठीक है कोमल और यह कहकर वह ऑफिस से चली गई मैं भी उस दिन जल्दी घर चला गया क्योंकि मुझे भी घर में कुछ काम था इसलिए मुझे जल्दी घर जाना पड़ा और जब मैं घर पहुंचा तो मेरी पत्नी कहने लगी आज आप घर जल्दी चले आए मैंने उसे कहा हां मुझे आज कोई जरूरी काम है और किसी से मुझे मिलना है इसलिए मैं घर जल्दी आ गया उसके बाद मैं वहां से अपने काम के सिलसिले में एक व्यक्ति से मिलने चला गया, मैं जब उनसे मिला तो मुझे उनसे मिलकर भी बहुत अच्छा लगा वह मुझसे काफी समय से मिलना चाह रहे थे लेकिन मेरे पास समय ही नहीं था इसलिए मैं उन्हें मिल नहीं पाया था परंतु जब मैं उनसे मिला तो वह मुझे कहने लगे मैं चाहता हूं कि आपके साथ हम लोग आगे काम करें मैंने उन्हें कहा सर आप भी हमारे साथ काम करेंगे तो आपको भी बहुत अच्छा लगेगा। उस दिन उनके साथ भी मेरी मीटिंग बड़ी ही अच्छी रही मै उसके बाद वहां से घर चला आया। जो प्रोजेक्ट मुझे मिला था वह मै पूरे तरीके से करने लगा। कोमल से भी मेरी बीच-बीच में बात हो जाया करती लेकिन शायद मेरे दिल में कोमल के लिए कुछ और ही बात आने लगी थी।

मैंने भी एक दिन कोमल से मिलने के लिए सोचा मैं जब कोमल से मिला तो मुझे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा। उस दिन मैंने कोमल को शायद अपनी बातों में पूरी तरीके से मना लिया था हम दोनों उस दिन साथ में चले गए। मैं कोमल को लेकर एक होटल में गया मैं जब उसे लेकर एक होटल में गया तो मुझे लगा शायद कोमल को यह सब अच्छा नहीं लगेगा लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसे भी यह सब बहुत अच्छा लगेगा। जब मैं कोमल को लेकर उस होटल में गया तो कोमल भी पूरी तरीके से मेरी पूरी मंशा को समझ चुकी थी। जब हम दोनों होटल के रूम में बैठे हुए थे तो कुछ देर तक हम दोनों बात करते रहे लेकिन जब मैंने कोमल को अपनी बाहों में लेना शुरू किया तो वह मेरी बाहों में पूरी तरीके से आ गई और उसका शरीर इतना गर्म होने लगा कि मुझे भी बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। जब मैंने कोमल के नर्म होठों को चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगता मैं उसके होठों को काफी देर तक किस करता रहा और उसके साथ मैंने बहुत देर तक किस का मजा लिया।

मैंने जब उसके कपड़े उतारने शुरू किए तो उसके बदन को देखकर मैं पूरी तरीके से उत्तेजीत होने लगा मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए कोमल के हाथों में पकड़ा दिया। वह मेरे लंड को हिलाने लगी और जब वह लंड को हिलाती तो मुझे भी बहुत अच्छा लगता है और उसे भी। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग किया जब मैंने उसकी टाइट चूत पर अपने लंड को सटाते हुए अंदर की तरफ धकेला तो उसका खून आने लगा और वह चिल्लाने लगी। उसकी योनि से इतना ज्यादा खून आ रहा था कि उसकी सिसकिया से उसके दर्द का एहसास हो जाता लेकिन वह अपने पैरों को चौड़ा कर लेती जिससे कि मुझे उसकी टाइट चूत में लंड को डालने में आसानी हो रही थी। मैंने उसके साथ काफी देर तक संभोग किया मैंने उसे घोड़ी बनाकर भी चोदा और उसके साथ मैंने उस दिन तीन बार सेक्स किया लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मेरा मन ही नहीं भर रहा है। मुझे उसके बदन को महसूस करने में बहुत अच्छा लग रहा था मुझे ऐसा लगता जैसे कि मैं उसे चोदता ही रहूं।

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