मेरा स्वार्थ सेक्स को लेकर था


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antarvasna, hindi sex stories मैं हर दिन की तरह सुबह अपने ऑफिस के लिए तैयार हो रही थी लेकिन उस दिन मौसम बहुत ही ज्यादा खराब था, मेरी मम्मी मुझे कहने लगी कि बेटा आज ऑफिस मत जाओ आज मौसम भी ठीक नहीं है और बाहर बारिश होने वाली है तुम आज ऑफिस से छुट्टी ले लो, मैंने मम्मी से कहा लेकिन मम्मी आज ऑफिस में काम है आज छुट्टी लेना संभव नहीं है आज तो किसी भी हालत में मुझे ऑफिस जाना ही पड़ेगा। मेरी मम्मी मेरी बहुत चिंता करती है इसलिए उन्होंने मुझे ऑफिस जाने से रोका परंतु मैं अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ी, मैंने अपने घर से उस दिन ऑटो लिया क्योंकि मौसम काफी खराब था और ऑटो ने मेरे ऑफिस मुझे छोड़ दिया कुछ दिन तक बारिश बहुत तेज हो रही थी और दो-तीन दिन से लगातार बारिश हो रही थी जिससे कि पानी भरने लगा था और पूरी तरीके से मौसम खराब हो चुका था।

उस दिन मैंने ऑफिस का तो काम कर लिया लेकिन जब मैं अपने ऑफिस से निकली तो बाहर देखा तो रोड़ों पर पूरी तरीके से पानी भरा हुआ था और मौसम भी बहुत ज्यादा खराब था बिजली कड़क रही थी और काफी अंधेरा हो चुका था मुझे बहुत डर भी लगने लगा मैं सोचने लगी मैं घर कैसे जाऊंगा मैंने ऑटो वाले को अपना हाथ दिखाया लेकिन कोई ऑटो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था कोई ना कोई सवारी ऑटो में बैठी हुई थी और जिस जगह मेरा ऑफिस था वहां पर बस भी नहीं आती थी। पानी बहुत ज्यादा भरा हुआ था मुझे डर भी लगने लगा था मैं सोचने लगी मैं घर कैसे जाऊंगी, मैंने अपने फोन की तरफ देखा तो मेरे फोन की बैटरी भी कम होने लगी थी और शायद कुछ देर बाद ही मेरा फोन स्विच ऑफ हो जाता क्योंकि मैं घर से चार्जर लाना भूल गई थी इसलिए मेरा फोन भी स्विच ऑफ होने वाला था और मैं बहुत ज्यादा टेंशन में आ गई मैंने सोचा पहले मैं अपनी मम्मी को फोन कर देती हूं नहीं तो मम्मी चिंता कर रही होगी, मैंने अपनी मम्मी को फोन किया और उनसे कहा कि मैं ऑफिस से छूट चुकी हूं शायद कुछ देर बाद मेरा फोन भी स्विच ऑफ हो जाएगा इसलिए आप चिंता मत करना मैं घर समय पर पहुंच जाऊंगी बस मैं ऑटो का वेट कर रही हूं और जल्दी घर आ जाऊंगी।

मैंने जब फोन रखा तो मैं ऑटो का वेट करने लगी लेकिन मुझे कोई ऑटो मिल ही नहीं रहा था और मेरा फोन भी स्विच ऑफ होने वाला था अंधेरा भी काफी हो रहा था वहां आसपास कोई दिखाई भी नहीं दे रहा था तब आगे से एक कार आई मैंने सोचा चलो इन्हें हाथ दिखा देती हूं क्या पता यह रोक दे पर मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं कोई गलत व्यक्ति गाड़ी में ना हो, मैंने कार को जब हाथ दिखाया तो उसने कुछ आगे जाकर गाड़ी रोक लिया और जब मैं उस गाड़ी की तरफ गई तो गाड़ी में एक 27 28 वर्ष का नौजवान युवक बैठा हुआ था उसकी उम्र भी लगभग मेरी जितनी हीं थी, मैंने उनसे कहा कि क्या मुझे आप घर छोड़ सकते हैं? वह कहने लगे कि आपको कहां जाना है? मैंने उन्हें बताया कि मुझे यहां पर कोई ऑटो मिल ही नहीं रहा है और काफी देर से मैं यहां ऑटो का इंतजार कर रही हूं लेकिन मुझे कोई भी ऑटो नहीं मिल रहा तो क्या आप मुझे घर छोड़ सकते हैं, उन्होंने मुझ पर तरस खाया और मुझे घर छोड़ने के लिए तैयार हो गए, उन्हें कहीं और ही जाना था लेकिन शायद उन्होंने मेरी मदद करना पहले उचित समझा और जब मैंने उन्हें अपना नाम बताया तो उन्होंने भी मुझे अपना नाम बताया वह कहने लगे मेरा नाम राजीव है और मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं, मेरा ऑफिस यहां से कुछ दूरी पर ही है मैं वैसे तो इस रास्ते से कभी आता जाता नहीं हूं लेकिन आज मेन रोड की तरफ ज्यादा जाम था इसीलिए मैंने सोचा आज यहीं से घर चले जाता हूं, मैंने राजीव से कहा आपने मेरी बहुत मदद की यदि आप मुझे लिफ्ट नहीं देते तो शायद आज मैं यहीं फस जाती और मैं बहुत घबरा भी गई थी, राजीव मुझे कहने लगे तुम घबराओ मत मैं तुम्हें कर छोड़ दूंगा तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है तुम बिलकुल टेंशन मत लो। राजीव ने मुझे मेरे घर तक छोड़ दिया मैंने राजीव को कहा मैं आपको धन्यवाद कैसे कहूं आप बड़े ही अच्छे व्यक्ति है वह कहने लगे कोई बात नहीं यह तो मेरा फर्ज था और यह कहते हुए राजीव चले गए, जब राजीव चले गए तो मैं अपने घर चली गई मेरी मम्मी कहने लगी कि बेटा मैंने तुम्हें आज सुबह ही ऑफिस जाने के लिए मना कर दिया था लेकिन तुम किसी की बात मानती ही नहीं हो और तुम आज ऑफिस चली गई देखा आज कितनी बारिश हो रही थी।

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मैंने मम्मी से कहा हां मम्मी बारिश तो बहुत हो रही थी पर मुझे आज ऑफिस में जरूरी काम था यदि मैं आज ऑफिस नहीं जाती तो शायद वह काम छूट जाता जिससे कि मेरे बॉस मुझे पर गुस्सा हो जाते परंतु मुझे आज ऑफिस किसी भी हाल में जाना ही था इसीलिए तो मैं ऑफिस गई थी। मैंने मम्मी से कहा अब आप यह बात छोड़ो मैं घर आ गई ना मेरी मम्मी कहने लगी बेटा तुम्हें पता है मैं तुम्हारी कितनी फिक्र करती हूं तुम्हारे सिवा मेरा इस दुनिया में कोई और है भी नहीं, मैंने मम्मी से कहा हां मम्मी मुझे पता है कि आप मेरी कितनी फिक्र करती हो आपको मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है अब मैं बड़ी हो चुकी हूं, मेरी मम्मी भावुक हो गई और कहने लगी कि तुम अब इतनी भी बड़ी नहीं हुई जो मैं तुम्हारा ध्यान ना रख सकूं और इस बात से मेरी मम्मी मुझे कहने लगी कि मैं तो सोचती हूं कि जब तुम्हारी शादी होगी तो मैं कैसे रहूंगी, मैंने मम्मी से कहा मैं शादी करने ही नहीं वाली मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी, मैंने जब मम्मी को राजीव के बारे में बताया तो मम्मी कहने लगी बेटा आज भी इस दुनिया में इंसानियत बची है और अच्छे लोग आज भी इस दुनिया में है देखो उस लड़के ने तुम्हें घर तक छोड़ दिया। काफी दिनों बाद मेरी मुलाकात जब राजीव से हुई तो मैंने राजीव से कहा की उस दिन मैं तुम्हें घर पर भी नहीं बुला पाई लेकिन मेरी मम्मी ने तुम्हें घर पर आने के लिए कहा है।

राजीव कहने लगा मैं तुम्हारे घर पर तो नहीं आ सकता, मैंने राजीव का उस दिन फोन नंबर ले लिया और राजीव को मैंने घर पर आने के लिए कहा, राजीव घर पर आ गया जब वह घर पर आया तो मैंने उसे अपनी मम्मी से मिलवाया, मेरी मम्मी राजीव से मिलकर बहुत खुश थी, मम्मी कहने लगी कि बेटा आजकल तो अच्छाई का जमाना रह ही नहीं गया है लेकिन उस दिन तुमने मेरी बेटी को घर तक छोड़ दिया उसके लिए मैं तुम्हारा धन्यवाद कहना कहती हूं और तुमसे मैं मिलना भी चाहती थी इसीलिए मैंने पायल से कहा था कि तुम राजीव को कभी घर पर ले आना। राजीव से मिलकर मेरी मम्मी बहुत ज्यादा खुश थी और मैं भी बहुत खुश थी जब मैं राजीव को छोड़ने बाहर गई तो राजीव मुझे कहने लगा तुम्हारी मम्मी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा अब बार-बार तुम्हारी मम्मी से मिलने आना पड़ेगा, मैंने राजीव से कहा क्यों नहीं जब तुम्हारा मन हो तब तुम मिलने के लिए आ जाना, राजीव और मेरी फोन पर कभी कबार बात हो जाती थी और जब भी राजीव मम्मी से मिलने आता तो वह मुझे फोन कर दिया करता, मम्मी भी राजीव के साथ बहुत देर तक बात करती रहती है उन्हें भी राजीव से बात करना अच्छा लगता। राजीव और मेरे बीच में फोन पर कई घंटे तक बात हुआ करती थी और एक दिन राजीव और मेरे बीच रात को अश्लील बातें होने लगी।

उस दिन मैंने राजीव के साथ बहुत देर तक फोन पर बात की राजीव मुझे कहने लगा पारुल तुम मुझे अच्छी लगती हो और तुम्हारे साथ में मुझे बात करना अच्छा लगता है। मुझे नहीं पता था कि राजीव मेरे साथ फ्लर्ट कर रहा है उसकी पहले से ही एक गर्लफ्रेंड है मुझे इस बात का पता तब चला जब राजीव ने एक दिन अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ फोटो डाल दी, मैंने जब उसे पूछा कि वो किसकी फोटो है तो वह कहने लगा वह मेरे दोस्त है लेकिन मुझे उस पर पूरा शक हो चुका था। मैं उससे दूर जाने लगी पर राजीव ने मुझे अपनी बातों में फंसा लिया, एक दिन वह मेरे घर पर आ गया और उस दिन हम दोनों के बीच सेक्स हो गया। जब वह मेरे घर पर आया तो उस दिन मम्मी कहीं गई हुई थी क्योंकि राजीव को मम्मी अच्छा मानती है इसलिए राजीव मेरी मम्मी से भी लगातार संपर्क में रहता है। उसने इसी बात का फायदा उठाया और वह घर पर आ गया, वह मेरे होठों को चूमने लगा और मेरे स्तनों को भी उसने चूसना शुरू कर दिया। मैं भी उसे मना नहीं कर पाई क्योंकि मुझे भी अच्छा लगने लगा था, जब उसने मेरी चिकनी चूत को चाटा तो मुझे भी एक अलग ही फीलिंग आने लगी, मेरे शरीर से करंट निकलने लगा। जब वह मेरी चूत को चाटता तो मुझे बहुत मजा आता।

जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी चूत पर लगाया तो मैंने उसे कहां यह मत करो लेकिन उसने मेरी चूत में लंड डाल दिया, जैसे ही उसका लंड मेरी चूत में प्रवेश हुआ तो मुझे दर्द महसूस होने लगा और बहुत तकलीफ होने लगी परंतु मैं राजीव का विरोध नहीं कर पाई। राजीव ने उस दिन मेरी चूत के मजे लिए जैसे ही राजीव का वीर्य मेरी योनि के अंदर गिर गया तो वह मुझे कहने लगा तुम मेरी बात ही नहीं मान रही थी इसलिए मैंने तुम्हें घर पर मिलने की सोची लेकिन आज हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गया। मैं भी मुस्कुराने लगी मैंने भी राजीव को माफ कर दिया क्योंकि उसके मोटे लंड को अपनी चूत में लेकर मुझे मजा आ गया था और उसके साथ सेक्स करना मुझे बहुत अच्छा लगा। राजीव और मेरे बीच में अब लगातार सेक्स हुआ करता लेकिन वह मुझसे सिर्फ फ्लर्ट करता है वह मेरे बदन के मजे लेता है यह बात मुझे भी पता है परंतु मैं भी उसे कुछ नहीं कहती क्योंकि कहीं ना कहीं इसमें मेरा स्वार्थ जुड़ा हुआ है।

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