नौकरानी को सेट करना ठीक है पर चोदना?


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hindi sex story, kamukta हेल्लो दोस्तो, आप लोगो को मैं कुछ सुनाने जा रहा हूँ | मेरे घर पर एक सफाई करने वाली नौकरानी आया करती थी | सफाई करने के लिए मेरी मा ने एक लड़की को कार्य पर रखा हुआ था | वो लड़की सुबह, दोपहर और शाम के समय पर मेरे घर पर आया करती थी | जब सफाई करने का समय होता था वो लड़की मेरे घर पर पहुच जाती थी | उस लड़की की वजय से मेरा घर साफ सुथरा रहता था | एक दिन जब मेरे घर पर कोई नही था तब मैंने उस सफाई करने वाली नौकरानी को चोदा | चलिए जानते है की मैंने कैसे उस सफाई करने वाली लड़की को चोदा | वो लड़की सुबह, दोपहर और शाम को मेरे घर पर आती थी | जब वो लड़की मेरे घर पर सफाई करती थी तब वो लड़की निचे झुक जाती थी और मैं उस लड़की के दूद को देखा करता था | उस लड़की के दूद बड़े बड़े थे जिसे एक दिन मुझे दबाने का सौक था | वो लड़की मेरे घर पर झाड़ू से लेकर पोछा भी लगाया करती थी |

जब वो लड़की मेरे घर पर पोछा लगाती थी तब मैं मौका नही छोड़ा करता था | मौके का फायदा उठाकर मैं उस लड़की के दूद को देखने के लिए उस जगह पर जाता था जहा पर वो लड़की पोछा लगाया करती थी | मैं कोई वजय से उस लड़की के पास जाता था जहा पर वो लड़की पोछा लगाती थी | जब वो लड़की किसी कमरे पर रहकर पोछा लगाती थी तब मैं उस कमरे पर कुछ चीज तलाश करने के लिए चला जाता था | इसके आलावा जब वो लड़की सीडी पर पोछा लगाया करती थी तब मैं उस लड़की के दूद को देखा करता था | क्योकि वो लड़की सलवार और पजामा पहनती थी | जब कोई लड़की सलवार पहनती है तब उस लड़की के दूद आसानी से दिख जाते है | दूद को देखने के लिए मैं कोई मौका नही छोड़ता था | उस लड़की से मेरा एक खास पहचान बन चूका था | वो लड़की मुझको एक मित्र के जैसा मानती थी | इसलिये जब भी कभी उस लड़की को कोई रुपय की कम्मी होती थी तब वो लड़की मुझ से उसकी कम्मी को मुझको बताया करती थी | इसके आलावा जब उस लड़की का तनखा का समय आता था | तब मैं उस लड़की को तनखा दिया करता था क्योकि मेरी मा मुझ को तनखा पकड़ा देती थी | मेरे पापा उनके कार्य से वयस्त रहते थे और मेरी मम्मी भी एक नौकरी करती थी इसलिए घर पर मुझे रहना पड़ता था |

मैं उस लड़की को तनखा देता था इसलिए उस लड़की से वहा पर सफाई करवाया करता था जहा पर मुझे सफाई नही दिखती थी | इसके आलावा वो लड़की मेरे घर के कपडे भी धो देती थी लेकिन कपडे धोने का वो लड़की मुझ से अलग रुपय लिया करती थी क्योकि वो लड़की मेरे घर पर सिर्फ झाड़ू और पोछा लगाने के लिए आया करती थी | उस लड़की को मैंने घर पर छुट भी दिया था ताकि वो लड़की कभी भी किचन पर घुस सकती थी और बना हुआ भोजन खा सकती थी | एक दिन जब मैं घर पर भोजन खा रहा था तब वो लड़की मेरे लिए भोजन लेकर आई हुई थी | जब मैं भोजन खा रहा था तब मैंने जानबुचकर पानी को गिरा दिया | फिर वो लड़की से कह की तुम मेरे लिए एक लोटे में पानी ले कर आओ | तब वो लड़की मेरे लिए एक लोटे पर पानी लेने के लिए किचन के अन्दर गई थी | जब वो लड़की किचन से लौटकर आई तो मैंने देखा की एक लोटे में पानी लेकर आ रही थी तब मैं जानबुचकर उस लड़की से टकरा गया ताकि उस लड़की के कपडे गिले हो जाये | ऐसा ही हुआ उस लड़की के कपडे गिले हो गए थे | फिर वो लड़की उसके कपडे बदलने के लिए मेरे घर के किसी कमरे के अन्दर घुस गयी उस लड़की के कपडे गिले थे इसलिए उस लड़की ने कपडे खोल दिया और नंगी खड़ी थी |

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जब वो लड़की कपडे खोल रही थी तब मैं उस लड़की को कपडे निकलते देख रहा था | तभी उस कमरे के अन्दर घुस गया जहा पर वो लड़की कपडे बदल रही थी | वो लड़की मेरे सामने नंगी खड़ी हुई थी | कुछ समय तक तो वो लड़की चकित पड़ गयी फिर वो सरमा गयी | तब मैं उस लड़की को अपने बाहो से जकड़ लिए | फिर उसके मखमली होटो को चूमना शुरु कर दिया | उस लड़की ने मुझे उस दिन अवसर दिया की मैं उस लड़की के चूत को अपने जीब से चाट सकू | जब मैंने उस लड़की की चूत को चाटने के लिए उसकी चूत की तरफ अपना मुह को किया तब उस लड़की ने उसके पैर को फैला दिया | मैं काफी देर तक उस लड़की की चूत को चाटता रहा | जब मैं उस लड़की की चूत को चाट रहा था तब उस लड़की के बड़े हुए झाट के बाल मेरे मुह के अन्दर आ रहे थे | उसकी चूत को चाटने के बाद मैंने उस लड़की की गाड जो की उसके मोटापे के कारण बड़ी थी तब मैं उस लड़की की गाड को चाटने लगा | फिर मैं उस लड़की के दूद को अपने मुह से पीने लगा | कुछ समय तक तो ये दूद को पीने का सिलसिला चलता रहा | फिर मैंने उस लड़की के चूत को अपने लंड से चोदने के लिए अपना लंड उसकी चूत के अन्दर डाल दिया | कुछ समय तक तो मेरा लंड उस लड़की की चूत के अन्दर घुसता रहा | जब मुझे मेरे लंड की गर्मी बर्दाश नही हुई तो मेरे लंड से मलाई की नदिया बह निकली |

मेरे लंड से जब मलाई निकल रही थी तब उस लड़की की चूत मेरे निकल रहे मलाई से चिप चिपी हो चुकी थी | आखिर कर उस लड़की को चोदने की बनाई हुई योजना कार गर सिद्ध हुई | लेकिन जब मैंने उस लड़की से चुदाई वाला सम्बन्द बना लिए तब से वो लड़की जब भी मेरे घर पर सफाई करने के लिए आती थी और मैं उसको पकड लेता था और फिर वो मुझ से कहती थी की मैं तुमको अपनी चूत तब दूंगी जब तुम मुझ को अलग से रुपय दोगे | उस लड़की को चोदना मेरे लिए सरल तो था लेकिन मुझे उस लड़की की अगर चूत को लेना होता था तब मुझे उस लड़की को 800 रुपय देने पड़ते थे | मैं भी उस लड़की के ऊपर 800 रुपय खर्च करने से नही रुकता था | जब उस लड़की ने मुझ से कहा की तुम 800 रुपय दोगे तभी तुम मेरी चुदाई कर सकते हो तब मुझे एक प्राइवेट जॉब करना पड़ा | जब मैंने प्राइवेट जॉब करना शुरु किया तो मेरे लिए उस लड़की की चुदाई करना सरल हो गया | अब मेरे पास एक सरल मौका था की मैं उस लड़की की चुदाई आसानी से कर सकू 800 रुपय दे कर | प्रत्येक सप्ताह के रविवार के दिन मैं उस लड़की की चुदाई किया करता था | वो सफाई करने वाली लड़की मेरी गर्लफ्रेंड बन चुकी थी | एक दिन उस लड़की को कही घुमने के लिए जाना था तब मैंने उस लड़की से कहा की मैं तुमको कही घुमाने के लिए लेकर चलता हूँ | फिर एक दिन मैंने उस लड़की को अपने मोटरसाइकिल पर बैठाया और फिर वो लड़की मेरे साथ घुमने के लिए चल पड़ी | मैं मोटरसाइकिल चला रहा था और वो लड़की मेरे मोटरसाइकिल के पीछे बैठी हुई थी | फिर उस लड़की को मैं अपने एक पुराने घर पर घुमाने के लिए लेकर गया हुआ था |

उस लड़की को घुमने का सौक था | लेकिन उस लड़की के पास गाडी नही थी इसलिए वो लड़की मुझ को फोन लगाकर बुलाया करती थी | जब उस लड़की का फोन आता था तब मैं उस लड़की से मिलने के लिए वहा पर जाता था | उस सफाई करने वाली लड़की से मिलने के बाद मैं उस लड़की को उसके घर से कुछ दूरी पर उस लड़की को अपने गाडी में बैठा लेता था | फिर मैं उस लड़की को अपनी गाडी में बैठाल कर शहर के खास जगह पर घुमाया करता था | वो लड़की मुझ से खुस रहती थी क्योकि मैं उस लड़की के उपर रुपय खर्च किया करता था | रुपय खर्च करने के कारण मैं उस लड़की से कुछ भी करवा लेता था | मेरे नए घर के आलावा मेरे पापा का एक पुराना घर भी है जहा पर मैं उस लड़की को फुर्सत के समय पर ले जाता था | वो लड़की मेरे पुराने घर पर घूमकर खुस हो जाती थी | एक दिन मैंने उस लड़की को अपने पुराने घर पर चुदाई करने की योजना बनाई | मैंने पहले उस लड़की को फोन लगाया फिर उस लड़की से कहा क्या तुम घुमने के लिए चल सकती हो | तब उस लड़की ने मुझे बताया की हा मैं तुम्हारे साथ घुमने के लिए चल सकती हूँ | तब मैं उस लड़की को अपने पापा के पुराने घर पर लेकर गया हुआ था | जहा पर वो लड़की मेरे साथ कुछ समय तक रुकी हुई थी | उस पुराने घर पर मैं उस लड़की को कुछ देर रुकने के लिए कहा | फिर मैं बाहर जा कर उस लड़की के लिए खाने के लिए कुछ ले कर कुछ आया हुआ था | उस लड़की के लिए मैंने सादा पुलाव और पुडी लेकर आया हुआ था | उस लड़की के लिए मैंने एक पास के ढाबा से वो खाने वाली समाग्री को लाया था |

जब उस लड़की ने मेरा लाया हुआ भोजन खाया तो वो लड़की मेरे उस भोजन की तारीफ करने लगी | भोजन खाने के बाद फिर वो लड़की को मैंने गन्ने का रस पिलाया | गन्ने का रस पीने के बाद वो लड़की ने मुझ से कहा की अब कुछ नही खाना है | फिर मैंने 800 रुपय निकाला और उस लड़की के हातो में पकड़ा दिया | फिर उस लड़की ने मुझ से कहा की तुम अब मुझे गले लगा सकते हो | फिर मैं उस लड़की को अपने गले लगा लिया | उस लड़की के मखमली होटो से फिर मैं अपने लंड को चुसवाने लगा | वो लड़की मेरे लंड चूसने में व्यस्त हो गयी | उसके बाद फिर मैंने अपने लंड को उस लड़की के गाड के अन्दर डाल दिया | उस लड़की की गाड को चोदने का अवसर मुझे मिला था इसलिए मैं उस लड़की के गांड के अन्दर अपना लंड डालकर हिला रहा था | मेरा लंड उस लड़की के गांड के अन्दर आसानी से घुस सके इसके लिए मैंने अपने लंड के ऊपर अपने मुह की थूक को लगाया | थूक के कारण मेरे लंड को चिकनाई मिलने लगी और मेरा लंड सरलता से उस लड़की के गाड के अन्दर घुसने लगा |

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