ऑफिस में काम करने वाली मैडम


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मेरा नाम गगन है मैं आगरा का रहने वाला हूं, मैं एक सरकारी विभाग में काम करता हूं और वहां पर मुझे काम करते हुए अभी एक वर्ष ही हुआ है क्योंकि मेरा सिलेक्शन एक वर्ष पहले ही हुआ था उसके बाद मैने आगरा में ही जॉइन कर लिया। आगरा में ही मेरा घर भी है और मैं बचपन से ही आगरा में रहा हूं इसीलिए मुझे आगरा में अधिकतर लोग पहचानते हैं। हमारा परिवार आगरा में बहुत पहले से रह रहा है और मेरे पिताजी भी एक बहुत अच्छे कारोबारी हैं, उनका भी आगरा में काफी अच्छा नाम है। घर में मेरे माता-पिता और मेरी दो बहने हैं। वह दोनों ही मुझसे छोटी हैं और अभी कॉलेज कर रहे हैं। मेरे ऑफिस में जितने भी मेरे मित्र हैं उन सब के साथ मेरा व्यवहार बहुत अच्छा है, मैं सब लोगों के साथ ही अच्छे से ही रहता हूं। मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब मैं अपने दोस्तों के साथ समय बिताता हूं।

मुझे मेरे कॉलेज के पुराने दोस्त मिलते हैं और वह सब मुझसे मेरा हाल चाल पूछते हैं। जब भी मैं अपने कॉलेज के दोस्तों को मिलता हूं तो उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। मेरे पिताजी कि सब लोग बहुत इज्जत करते हैं। हमारे ऑफिस में एक नई महिला काम करने आई, उनका नाम लता है। मेरा उनसे इतना ज्यादा परिचय नहीं था क्योंकि वह कुछ वक्त पहले ही ऑफिस में आई थी। एक दिन मैं ऑफिस से शाम को घर लौट रहा था तो उस वक्त वह मुझे दिखाई दी। मैं उन्हें दूर से देख रहा था, मैंने देखा कि उनके साथ में एक व्यक्ति भी खड़ा है और वह दोनों आपस में बहुत झगड़ा कर रहे हैं। जब मैंने यह सब देखा तो मैं तुरंत ही उनकी तरह दौड़ते हुए गया। मैंने उस व्यक्ति से पूछा कि आप दोनों आपस में क्यों झगड़ा कर रहे हो, तो लता मैडम मुझे कहने लगी कि यह मेरे पति हैं। उन्होंने बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी और उनके शरीर से पूरी शराब की महक आ रही थी। मैंने उन्हें समझाया कि आप बीच रास्ते में झगड़ा कर रहे हैं यह सब उचित नहीं है यदि आप लोगों को कुछ भी बात करनी है तो आप घर पर जाकर बात कीजिए, यहां पर आपका तमाशा बन रहा है लेकिन उनके पति मुझ पर ही भड़क पड़े और कहने लगे कि तुम हमें समझाने वाले कौन होते हो।

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मैंने उन्हें कहा कि मैं मैडम के साथ ही ऑफिस में काम करता हू। यदि आप मुझसे इस तरीके से बात करेंगे तो मैं पुलिस को यहां पर बुला दूंगा और उसके बाद आप ही की बदनामी होगी क्योंकि आपने बहुत शराब पी रखी है और आपको बिल्कुल भी होश नहीं है। वह मुझे कहने लगे कि मुझे किसी का भी डर नहीं है यदि तुम्हें पुलिस को बुलाना है तो तुम पुलिस को बुला सकते हो। लता मैडम मुझे कहने लगी कि अभी तुम घर जाओ मैं इन्हें संभाल लूंगी, मैं इन्हें घर ले कर चली जाऊंगी। मुझे उस दिन गुस्सा तो बहुत आया लेकिन मैं लता मैडम की वजह से चुप रह गया। उसके बाद वह लोग अपने घर चले गये और मैं भी अपने घर आ गया। जब मैं घर लौट रहा था तो मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि लता मैडम का व्यव्हार तो ऑफिस में सब के साथ अच्छा है परंतु उनके पति तो एक नंबर के शराबी हैं और वह बिल्कुल भी अच्छे व्यक्ति नहीं हैं। ना ही उन्हें बात करने का सलीका है और ना ही तो वह समाज में रहने लायक हैं। मैं घर पहुंच चुका था और उसके बाद मैं घर पर ही बैठा हुआ था। मुझे लता मैडम का फोन आया और वह कहने लगी कि मैं अपने पति की तरफ से तुमसे माफी मांगती हूं, मैंने उन्हें कहा कि आप मुझसे किस बात की माफी मांग रही हैं, आपने तो कुछ भी गलत नहीं किया है। वह मुझे कहने लगे कि मुझे मेरे पति बहुत ही परेशान करते हैं लेकिन मैं डरती हूं कि यदि उन्होंने मुझे डिवोर्स दे दिया तो मैं अकेली कहां जाऊंगी। मैंने उन्हें कहा कि आप नौकरी कर रहे हैं उसके बावजूद भी आप इस प्रकार की सोच रखती हैं। मैंने उन्हें कहा कि आप यदि इस प्रकार की सोच रखेंगे तो शायद ही आप अपना फैसला जिंदगी में ले पाएंगे। मैंने उनसे कहा कि मुझे आपके पति की बात का उतना बुरा नहीं लगा जितना मुझे आपकी सोच का बुरा लगा। आप उनके साथ में कैसे अपना जीवन बिता रहे हैं, आप एक बहुत ही अच्छी महिला हैं और आपकी हमारे ऑफिस में सब लोग इज्जत करते हैं, उसके बावजूद भी आप अपने पति के साथ इस रिश्ते को जबरदस्ती चला रहे हैं। वह कहने लगी कि यह सब मेरे घर वालों का किया कराया है यदि वह लोग मुझे शादी के लिए दबाव नहीं डालते तो शायद मैं कभी भी शादी नहीं करती।

उस दिन हम लोगों की इतनी ही बात हुई और मैंने उन्हें कहा कि आप अपना ध्यान रखिए, उसके बाद मैंने फोन रख दिया। जब अगले दिन वह ऑफिस में आई तो वह बहुत ही शर्मिंदा थी और मुझसे कह रही थी कि मैं वाकई में बहुत शर्मिंदा हूं। मैंने उन्हें समझाया कि ऐसा बिल्कुल भी मत सोचिए। लता मैडम का व्यवहार वाकई में बहुत अच्छा था, वह जिस प्रकार की महिला है मुझे भी उनके बारे में सोच कर वाकई में बुरा लगता है। उस दिन हमारे लंच टाइम में हम लोग साथ में ही बैठे हुए थे और लता मैडम मुझे अपनी सारी बातें बताने लगी। वह कहने लगी कि यह रिश्ता मेरे पिताजी ने ही करवाया था मुझे नहीं पता था कि मेरे पति इतने ज्यादा शराब पीते हैं और वह सब लोगों से बहुत बदतमीजी से बात करते हैं। शुरुआत में तो मुझे लगा कि कभी कबार ऐसा हो जाता होगा लेकिन अब शादी की इतने वर्षों बाद भी वह वैसे ही है। मैंने उनसे पूछा कि आपकी शादी को कितने वर्ष हो चुके हैं, वह कहने लगी कि मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं और मेरी 7 साल की लड़की भी है, वह हाई स्कूल में पढ़ती है और मैं ही उसे सुबह स्कूल लेकर जाती हूं। मैंने उनसे पूछा कि आप अपने पति के साथ कैसे एडजस्ट कर लेती हैं, वह कहने लगी कि अब मुझे आदत सी हो गई है मुझे उनसे ज्यादा कुछ फर्क नहीं पड़ता लेकिन मुझे इस बात की चिंता जरूर रहती है कि कहीं इसका असर हमारी बच्ची पर तो नहीं पड़ रहा इसीलिए मैं उनकी बातें सुन लेती हूं और उन्हें कुछ भी नहीं कहती।

उस दिन भी हमने काफी बात कि। अब लता मैडम और मेरे बीच में अच्छी बात होती थी, वह मुझसे अपनी हर बात शेयर करती थी। मैं भी उनसे उनके पति के बारे में जरूर पूछता था। वह ऑफिस में बहुत ही अच्छे से काम करती थी और अपने ऑफिस का काम भी उन्हें अच्छे से करना आता है क्योंकि वह काफी पुरानी है और उन्हें काफी वर्ष भी हो चुके हैं। हम दोनों की बातें ऐसे ही होने लगी थी। एक दिन लता मैडम की बच्ची का बर्थडे था तो उस दिन उन्होंने मुझे कहा कि मैंने ऑफिस में किसी को भी नहीं बोला लेकिन तुम मेरे घर पर आ जाना, मैं उसे उनके घर चला गया और उनकी बच्ची के लिए मैं कुछ गिफ्ट भी ले गया। जब मैं उनके घर पहुंचा तो उनके पति भी वहीं पर थे और उन्होंने किसी को भी इनवाइट नहीं किया हुआ था। हम तीनो लोग ही वहां पर थे और उनकी बच्ची भी थी। जब उनकी बच्ची ने केक काटा तो मुझे भी बहुत खुशी मिली क्योंकि लता मैडम के चेहरे पर मुस्कुराहट थी। कुछ देर बाद उनके पति शराब पीने के लिए चले गए और वह एक कमरे में बैठकर शराब पी रहे थे। मैंने उनसे ज्यादा बात नहीं की क्योंकि उससे पहले भी मेरी उनके साथ बहुत ज्यादा बहस हो चुकी थी इसलिए मैंने उनसे ज्यादा बात नहीं की। वह अपने कमरे में ही बैठे हुए थे और वह शराब पी रहे थे। कुछ देर बाद वह फोन पर किसी से बात करने लगे और वह बहुत तेज तेज आवाज में बात कर रहे थे,  उनकी आवाज साफ सुनाई दे रही थी और काफी देर तक उन्होंने बात की। उसके बाद वह जब सो गए तो घर में काफी शांति हो गई। मैंने लता मैडम से कहा कि आपने किसी को भी क्यों नहीं बोला, वह कहने लगी कि मैं अपने पति की वजह से किसी को भी घर पर नहीं बुलाती लेकिन तुम एक अच्छे व्यक्ति हो और तुम्हें सब कुछ बात पता है, उसके बावजूद भी तुम मेरी भावनाओं की रिस्पेक्ट करते हो इसलिए मैंने तुम्हें घर पर बुलाया।रात भी काफी हो चुकी थी और मैं कहने लगा कि मैं घर जा रहा हूं परंतु लता मैडम मुझे कहने लगे कि तुम आज यही रुक जाओ। उस दिन में उनके घर पर ही रुक गया।

वह मेरे साथ कमरे में मेरे बगल में बैठी हुई थी। वह अपनी गांड को मुझसे टकराती जब उनकी गांड मुझसे टकरा रही थी। मुझे ऐसा लगा वह जानबूझकर मुझसे अपनी गांड को सटा रही थी। मैंने भी उन्हें कसकर पकड़ लिया और बड़ी जोर से मैंने उनकी गांड को दबा दिया। मैंने उन्हें वही बिस्तर पर लेटा दिया और उनके होठों को किस करने लगा उनके होठ बहुत मुलायम थे। जैसे ही मैंने उनके कपड़े उतारे तो उनका यौवन बहुत ही मस्त था और उनका शरीर पूरा खिला हुआ था। उनकी जवानी को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और बहुत अच्छे से चूसने लगी। वह मेरे लंड को अपने मुह में लेकर चूसती तो मेरे अंदर की गर्मी बाहर आ गई मेरा माल गिर गया और उन्होंने अपने अंदर ले लिया। उसके बाद मैंने उनकी योनि का रसपान बहुत देर तक किया। मैंने उनकी योनि में उंगली डाली और उन्हें बहुत अच्छा लगने लगा। मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में घुसा तो वह चिल्लाने लगी और उन्हें बहुत अच्छा लगने लगा। मैंने बहुत देर तक  उन्हें ऐसे ही घोड़ी बनाकर चोदा। उसके बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए जैसे ही लता मैडम की गांड के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी। मैं उन्हें बड़ी तेजी से धक्के दिया जाता मैंने उन्हें इतनी तेज तेज धक्के मारे कि उनकी गांड से खून बहार निकलने लगा। उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उनकी गांड में अपने लंड को डालता। वह भी मुझसे अपनी चूतडो को टकरा रही थी और मेरा साथ दे रही थी लेकिन उनकी गांड से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर निकलने लगी और मुझसे वह गर्मी बिल्कुल भी झेली नहीं गई। जैसे ही मेरा वीर्य उनकी गांड में गिरा तो उन्हें बहुत अच्छा लगने लगा और मैंने अपने लंड को बाहर निकाल दिया।

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